गढ़वाल, उत्तरांचल में हिमालय पर्वतों के तल में बसा ॠषिकेश धार्मिक दृष्टि के अतिरिक्त अपने प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए भी प्रसिद्ध है। सुबह सवेरे पहाड़ियों के पीछे से निकलता हुआ सूर्य, गंगा के बहते पानी की कलकल, कोहरे से ढकी पहाड़ी चोटियाँ, यह एक ऐसा अनुभव होता है जिसको मात्र महसूस किया जा सकता है, बयान नहीं।
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भोर के समय निकलता हुआ सूर्य अपना प्रकाश चारो ओर बिखेर देता है और उसका सुनहरा रंग गंगा के जल में भी उतर आता है।
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गंगा के दूसरे तट पर स्थित मन्दिर और आश्रम आदि।
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ॠषिकेश को घेरे खड़े पर्वतों में से एक की चोटी पर स्थित(ॠषिकेश से लगभग 25 किलोमीटर) देवी के शक्तिपीठों में से एक, कुन्जापुरी देवी सिद्ध शक्तिपीठ।
ॠषिकेश यात्रा के अन्य छायाचित्र
यहाँ देख सकते हैं। मेरी इस यात्रा का वर्णन मेरे हिन्दी ब्लॉग पर
यहाँ उपलब्ध है।