Thursday, January 25, 2007

मुम्बई: होटल ताजमहल पैलेस




मुम्बई मे गेट-वे आफ इन्डिया के ठीक सामने, १९०३ में, बना यह शानदार पाँच सितारा होटल, स्थापत्य कला का एक शानदार नमूना है।

Hotel TajMahal Palace Built in 1903, the hotel is an architectural marvel and brings together Moorish, Oriental and Florentine styles. Offering panoramic views of the Arabian Sea and the Gateway of India, the hotel is a gracious landmark of the city of Mumbai.

4 comments:

Divine India said...

क्यों जीतू भाई…कन्याकुमारी से कश्मीर तक सैर करवाने का इरादा तो नहीं आपका…!!!खैर हम भी भागने बालों में से नहीं हैं ज़नाब…आप समाँ बांधें हम तो गीत गाते चलेंगे हीं…धन्यवाद!

Jitendra Chaudhary said...

भई ये तो भारत यात्रा है, यात्रा कभी कंही मुड़ेगी, कभी कंही रुकेगी। रहेगी भारत के अन्दर। कश्मीर हो या कन्याकुमार, मुम्बई या महाबलीपुरम, भारत का हर कोना सुन्दर है। यही सुन्दरता दिखाने का एक छोटा सा प्रयास है।

यदि आप भी इस साझा प्रयास मे सहयोग करना चाहते है तो मुझे इमेल करिए।

manya said...

sahi kaha jitu ji bharat ka har kona sundar h.. prakriti ka har roop hain yahan.. pahaar, nadi samundar.. barf hai to ret bhi.. hariyaali bhi h.. phool bhi.. kal kal karti nadiyan aur jhar jhar bahte jharane.. Yahi nhn hamara naya adhunik bharat jo shahron me basa h wo bhi khoobsurat h main maanati hun..
Isiliye aap yaatra karaiye hum bhi safar karate rahenge

-- लावण्या said...

ये भी कहा जाता है कि, ये होटेल का मुख आर्कीटेक्ट महाशय थे उनके नक्शे से बिलकुल उल्टा बन गया था -
फिर भी इसकी गणना बम्बई शहर की सुँदरतम पर्यटक आकर्षण मेँ से एक मेँ की जाती है -