
दूसरों द्वारा फैलाई गन्दगी पर हम नाक मुँह सिकोड़ते है, लेकिन क्या हम लोग गन्दगी नही फैलाते? मसूरी पर टूरिस्ट द्वारा फैलाई गयी गन्दगी देखिये. क्या हम सब इन सबके जिम्मेदार नही है? विदेशों मे जाकर तो हम लोग कोई भी कूड़ा करकट, कूड़ेदान के बिना नही फेंकते, लेकिन वापस अपने देश मे? गलती कंही ना कंही हमारे अन्दर ही है.जब तक हम नही सुधरेंगे, ये समस्या बनी रहेगी, भले ही हम लाख प्रशासन को गालियाँ देते रहे
Monday, August 08, 2005
पर्यटन स्थलों पर गन्दगी
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