Monday, August 08, 2005

एक और सूर्यास्त का दृश्य



पेशे नज़र है एक और सूर्यास्त का दृश्य, स्थान वही, समय वही, मगर मौसम का बदला हुआ मिजाज आप खुद महसूस कर सकते है.

1 comment:

अनूप शुक्ला said...

इसको सूर्योदय भी कहा जा सकता है-कहीं तो उग रहा होगा। यहां
भी लगता है।