मसूरी की यादों हम अपने कैमरे को समेट कर, निकल पड़े वापस अपने शहर की ओर. लेकिन कभी कभी मेरे दिल मे ख्याल आता है, ऊपर जैसे चित्र जैसा अगर कोई, घर पहाड़ों के बीच हो तो कैसा हो?
Sunday, August 14, 2005
मसूरी यात्रा का आखिरी चित्र
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